रेवांचल टाइम् :- हमारा देश बड़ा ही कमाल का है, स्कूल में पढ़ाया गया है कि छात्र देश का भविष्य होते हैं। इसलिए उन्हें स्कूल जाना चाहिए, लेकिन किसी को बताया नहीं गया था कि स्कूल में सिर्फ पढ़ने के लिए नहीं जाना होता है। बल्कि स्कूल में जा कर बच्चों को टॉयलेट भी साफ करना पड़ेगा। जी हां मध्य प्रदेश में बालाघाट जिले के अन्तर्गत तहसील मुख्यालय के जनपद शिक्षा केन्द्र किरनापुर के शास. हाई स्कूल गोदरी में एक सरकारी स्कूल में बच्चों से शौचालय साफ कराने का मामला सामने आया है। दरअसल ग्राम गोदरी की शास. हाई स्कूल में बच्चों से स्कूल का शौचालय साफ करवाया जा रहा है।
जब मीडिया प्रभारी द्वारा स्कूल परिसर में पहुंचे तो उसे शौचालय की साफ सफाई करने के लिए हैंडपंप से बाल्टी मे पानी लाते हुए नजर आए । जानकारी ली तो बच्चों ने कहा कि हम लोगो द्वारा प्रतिदिन टायलेट की साफ सफाई करवाई जाती है। बच्चो के द्वारा सच्चाई बताई गई तो शिक्षक चपरासी ने डॉट फटकार लगाते हुए कहा कि क्यू बता रहे हो ?
ऐसे में एक बात समझ आती है कि देश में स्वच्छ भारत अभियान को कुछ ज्यादा ही तवज्जो दी जा रही है। और उन बच्चों से स्कूल साफ करवाएं जा रहे हैं, जिन्हें वहां पर पढ़ाई करनी चाहिए। स्कूलों में होती इन हरकतों का कच्चा चिट्ठा बहुत लंबा है।
पढ़ो, लिखों और शौचालय साफ करो, ये देश का भविष्य है।
बच्चे स्कूल जा कर अच्छे इंसान बनेंगे लेकिन हकीकत में कुछ और ही नजर आ रही है। इन स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चे आगे जा कर इंजीनियर, डॉक्टर बन सकते हैं, लेकिन ये बच्चे शौचालय साफ कर रहे हैं। बात सफाई करने की नहीं है बात उन जिम्मेदार लोगों की है जो इसके लिए जिम्मेदार है। शिक्षकों के ऐसे कई विविध मामले सामने लाए गए। परंतु किसी प्रकार कि कार्यवाही नहीं हो पाई ।
जी पत्रकारों के माध्यम से वीडियो के द्वारा खण्ड शिक्षा अधिकारी को दिखाया गया , जी एस टेकाम खण्ड शिक्षा अधिकारी किरनापुर द्वारा कहा गया है जांच की जायेगी । लेकिन कोई उच्चित कार्य वाही नहीं कि गई जिससे लगता है कि शिक्षकों को सहराना दिया जा रहा है। फिलहाल अब देखना होगा कि समाचार प्रकाशित करने के बाद ऐसे शिक्षको पर क्या कार्यवाही होती है या छात्र, छात्राओ के भविष्य के साथ खिलवाड़ करते हुए मामले को दबा दिया जाता है््।
रेवांचल टाइम् लांजी बालाघाट से खेमराज सिंह बनाफरे
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